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Jharkhand GK in Hindi (झारखण्ड सामान्य ज्ञान)

Jharkhand GK in Hindi  (झारखण्ड सामान्य ज्ञान)- Complete  GK of jharkhand in Hindi  for JPSC and JSSC  Exams

Table of Contents

Jharkhand gk in Hindi (झारखण्ड जनरल नॉलेज)

Jharkhand Current Affairs in Hindi  (झारखण्ड कर्रेंट अफेयर्स)

झारखण्ड के राज्यपाल कौन हैं – रमेश बैस

झारखण्ड के मुख्य मंत्री कौन हैं – हेमंत सोरेन

राज्य के मुख्य न्यायाधीश कौन हैं – जस्टिस रवि रंजन

राज्य के विधान सभा के अध्यक्ष कौन हैं – रविंद्र नाथ महतो

वर्तमान में राज्य के मुख्य सचिव कौन हैं – सुखदेव सिंह

राज्य के वर्तमान पुलिस महानिदेशक कौन हैं – नीरज सिन्हा

झारखण्ड राज्य के निर्वाचन आयुक्त कौन हैं – डी के तिवारी

झारखण्ड के महाधिवक्ता कौन हैं – राजीव रंजन

राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष कौन हैं  – कल्याणी शरण

झारखण्ड अधिविद्य परिषद् (जैक) के अध्यक्ष कौन हैं – अरविन्द प्रसाद सिंह

झारखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष कौन हैं – अमिताभ चौधरी

झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष कौन हैं – सुधीर त्रिपाठी

राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष कौन हैं – कमल खान

झारखण्ड अनुसूचित जाती आयोग के अध्यक्ष कौन हैं – शिवधारी राम

झारखण्ड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं – डॉ नफीस अख्तर

झारखण्ड प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कौन हैं – पी के वर्मा

झारखण्ड से संबंधित प्रमुख स्मरणीय तथ्य

  • बिरसा को शिक्षा किसने दी — जयपाल नाग ने
  • एकमात्र झारखण्डी जिसे मरणोपरांत परमवीर चक्र प्रदान किया गया — अल्बर्ट एक्का
  • चेरो विद्रोह किसके विरुद्ध हुआ था — पलामू के जनजातीय राजा के विरुद्ध
  • टाना भगत आंदोलन किस जनजाति से सम्बंधित था — उरांव
  • संथाल विद्रोह से प्रभावित क्षेत्र कौन सा था — दामिन-ए-कोह तथा भग्नडीह
  • कोल विद्रोह का प्रभाव क्षेत्र कहाँ था — सिंहभूम
  • जे. आर. डी. टाटा का पूरा नाम क्या था — जहांगीर रतन जी दादा भाई टाटा
  • भारत का प्रथम छाया चित्र प्रदर्शक कौन था — सुब्रतो रॉय
  • हो विद्रोह से सम्बंधित सिंहभूम का राजा कौन था — जगन्नाथ सिंह
  • 1857 के आंदोलन के दौरान पलामू में किस कबीलाई ने अंग्रेजों के विरुद्ध सशक्त विद्रोह किया था — भोक्ता
  • संथाल विद्रोह कहाँ हुआ था — राजमहल
  • झारखण्ड का टिस्को कारखाना किसके द्धारा स्थापित हुआ — जमशेदजी टाटा
  • रांची जिला टाना भगत पुनर्वास अधिनियम कब स्थापित हुआ था — 1948 ई. में
  • भारत में वैगन एंड इन्जीनियरिंग कंपनी लिमिटेड कहाँ है — सिन्दरी में
  • शहीद तिलका मांझी को किस वृक्ष पर लटका कर फांसी दी गई थी — बरगद
  • झारखण्ड में सबसे भयंकर अकाल कब हुई थी — 1990 ई. में
  • छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट कब पारित हुआ — 1908 ई. में
  • झारखण्ड राज्य की मांग सर्वप्रथम कब की गई — 1940 ई. में
  • 1929 झरिया अधिवेशन में किसे अगला अध्यक्ष चुना गया — जवाहर लाल नेहरू को
  • 1940 ई. के रामगढ कांग्रेस अधिवेशन किसके नेतृत्व में हुआ था — अबुल कलम आजाद
  • झारखण्ड राजभवन का नक्शा किसने बनाया था — मि. सैडलो बैलर्ड ने
  • पहला राधाकृष्ण पुरस्कार किसे मिला — डॉ. श्रमण कुमार गोस्वामी को
  • व्यंग्य चित्रकार मोनी का वास्तविक नाम क्या है — तपव्रत चक्रवर्ती
  • लंठ आजम गढ़ी का वास्तविक नाम क्या है — कृष्ण राज गुप्त
  • रांची एक्सप्रेस के प्रथम संपादक कौन थे — बलबीर दत्त
  • किस वर्ष झारखण्ड में जमींदारी पुलिस की शुरुआत हुई — 1806 ई. में
  • झारखण्ड किस गोलार्द्ध में स्थित है — उतरी गोलार्द्ध में
  • झारखण्ड क्षेत्र का पहला नागरिक प्रशासक कौन था — कप्तान विल्किन्सन्स
  • बिरसा को गिरफ्तार करनेवाला अंग्रेज अधिकारी कौन था — डॉ. रोजर्स
  • बिरसा मुंडा के धार्मिक गुरु कौन थे — आनंद पांडेय
  • उलगुलान विद्रोह किससे जुड़ा था — बिरसा मुंडा
  • फल्गु नदी को झारखण्ड में किस नाम से जाना जाता है — निरंजना या लीलाजन
  • सबसे अधिक गर्म जल का जलकुंड कहाँ है — सूरज कुंड (हजारीबाग)
  • झारखण्ड का पहला जल विधुत सयंत्र कौन है — तिलैया (1953 )
  • अजय नदी झारखण्ड में कहाँ से निकलती है — राजमहल पहाड़ी से
  • झारखण्ड उच्च न्यायलय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश के रूप में किसे नियुक्त किया गया — न्यायमूर्ति विनोद कुमार गुप्ता को
  • दिशोम गुरु किसे कहा जाता है — शिबू शोरेन को
  • भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पहली बार रांची आये थे — मार्च 1953 ई. में
  • झारखण्ड प्रदेश का प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे — श्री बाबूलाल मरांडी
  • झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की स्थापना किसने की — शिबू सोरेन
  • स्वर्ण संघ की स्थापना कहाँ की गई — देवघर में
  • झारखण्ड का सबसे छोटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र कौन सा है — चतरा
  • सिस्टर निर्मला का वास्तविक नाम क्या है — कुसुम जोशी
  • बिरसा मुंडा पर सबसे पहले हिंदी में लेख किसने लिखा था — जूलियस तिग्गा ने
  • झारखण्ड के किस जिले की मिट्टी चमकती प्रतीत होती है — कोडरमा
  • झारखण्ड के किस नदी के रेत में सोना पाई जाती है — स्वर्णरेखा नदी में
  • ओलचिकी लिपि किसने तैयार की — रघुनाथ मुर्मू ने
  • इस्को गुफा की खोज किसने की — बुलु-इमाम
  • झारखण्ड का कौन सा गांव ‘मंदिरों के गांव’ के नाम से जाना जाता है — मलूटी
  • मैसूर के वृन्दावन गार्डन की डिजाइन पर झारखण्ड का पार्क बना है — जुबली पार्क
  • झारखण्ड में किस पठार पर सर्वाधिक वर्ष होती है — नेतरहाट
  • झारखण्ड में सोने की प्राप्ति कहाँ होती है — कुडार-कोछा (सिंहभूम)
  • झारखण्ड में किस प्रकार के वन हैं — अर्ध पर्णपाती वन (शुष्क पतझर वन)
  • संत कोलम्बस कॉलेज का पुराण नाम — डब्लिन यूनिवर्सिटी मिशन कॉलेज
  • झारखण्ड का कौन सा महाविदयालय विश्वविद्यालय स्तर का है — इंडियन स्कूल ऑफ़ माइंस धनबाद
  • इंदिरा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय कहाँ है — हजारीबाग
  • झारखण्ड में पूर्व रेलवे का डिवीज़न कार्यालय कहाँ है — धनबाद
  • झारखण्ड दक्षिण – पूर्व रेलवे का डिवीज़न कार्यालय कहाँ है — चक्रधरपुर में
  • किस कॉलेज को पहले डिग्री कॉलेज कहा जाता था — रांची कॉलेज को
  • झारखण्ड में जगन्नाथ मंदिर कहाँ स्थित है– जगन्नाथपुर रांची में
  • किस मंदिर के वंशगत पुजारी हरिजन है — परशुराम मंदिर
  • हिजला मेला कहाँ लगता है — दुमका में
  • रजरप्पा के प्रसिद्ध मंदिर किन दो नदियों के संगम पर है — दामोदर और भेंड़ा नदी के संगम पर
  • कौन सा नृत्य पुरुष प्रधान नृत्य है — नटुआ
  • जादुर नृत्य का सम्बन्ध किससे है — सरहुल
  • झारखण्ड में किस प्रसिद्ध लोकनृत्य में गायन का उपयोग बिलकुल नहीं किया जाता है — छऊ लोक नृत्य में
  • जादोपटिया चित्रकला किस समाज से सम्बंधित है — संथाल समाज से
  • 1928 ई. में एम्स्टरडम ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान — जयपाल सिंह थे
  • हेलेन सोय किस खेल से संबंधित है — हॉकी
  • भारतीय महिला हॉकी टीम के प्रथम कप्तान — सुमराय टेटे
  • भारतीय क्रिकेट टीम के प्रथम झारखंडी खिलाडी — महेंद्र सिंह धोनी
  • कीनन स्टेडियम के पुराना नाम क्या था — टेप्पेल ग्राउंड
  • कोल ट्रॉफी के नाम बदलकर अब क्या रखा गया है — नीरजा कोल ट्रॉफी
  • शेखर बोस किस खेल से सम्बंधित है — वॉली बॉल
  • मोहन आहुजा इनडोर स्टेडियम कहाँ है — जमशेदपुर में

झारखण्ड आंदोलन (Jharkhand Andolan)

  • झारखण्ड आंदोलन विगत कितने वर्षों से चल रही थी — 72 वर्षों से
  • बिहार राज्य हुल झारखण्ड का गठन कब हुआ — दिसम्बर 1968 ई में
  • ‘बिरसा सेवा दल’ की स्थापना कल है — 1968 ई. में
  • आदिवासी उन्नति समाज की स्थापना कब हुई — 1915 ई. में
  • ‘झारखण्ड पार्टी’ की स्थापना कब हुई — 1950 ई. में
  • जंगल काटो अभियान कब चलाया गया — 1978 ई. में
  • ‘छोटानागपुर विकास प्राधिकरण’ की स्थापना कब हुई — 1971 ई. में
  • “संथाल परगना विकास” प्राधिकरण की स्थापना कब हुई — 1971 ई. में
  • ‘छोटानागपुर और संथाल परगना विकास प्राधिकरण’ के अध्यक्ष — मुख्यमंत्री होते है
  • ‘अजसु’ का गठन किस छात्र संघ के तर्ज पर किया गया — ‘आसु’
  • अखिल झारखण्ड छात्र एवम बुद्धिजीवी सम्मलेन 1986 में कहाँ हुआ — जमशेदपुर में
  • ‘खून के बदले खून’ का नारा किस झारखंडी नेता ने दिया — सूर्य सिंह बेसरा ने
  • भाजपा ने ‘वनांचल’ की मांग प्रथम बार कब उठाई थी — 1988 ई. को
  • 1986 में किसने कहा “झारखण्ड आंदोलन में विदेशियों का हाथ” है — बूटा सिंह ने
  • “बिहार का बंटवारा किसी भी हाल में नहीं होने दिया जायेगा” — भगवत झा आज़ाद
  • ‘केंद्रशासित राज्य की’ मांग किस झारखंडी नेता ने की — एन.ई.होरो. ने
  • केंद्र ने झारखण्ड की समसस्याओं के लिए किस समिति का गठन किया — बी.एल.लाली. समिति का
  • किस समिति ने झारखण्ड स्वशासी परिषद् के गठन की अनुशंसा की — बी.एल.लाली. समिति ने
  • ‘बिहार का बंटवारा मेरी लाश पर होगी’ किसने कहा था — लालू प्रसाद यादव ने
  • झारखण्ड स्वशासी परिषद् के प्रथम अध्यक्ष कौन थे — शिबू सोरेन

झारखण्ड के प्रमुख नदी घाटी परियोजना एवं बांध

नदी घाटी परियोजना / बांध / वर्ष / नदी

दामोदर घाटी परियोजना का निर्माण

  • अमेरिका के टेनेंसी वैली के तर्ज पर 1948 में किया गया इसमें आठ बांध तीन जलविधुत गृह स्थित है ये झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल का संयुक्त उपक्रम है
  • तेनुघाट [बोकारो ] – 1973 – दामोदर
  • पंचेत [धनबाद ] -1959 -दामोदर,बराकर
  • तिलैया [कोडरमा ] -1953 -बराकर
  •  मैथन [धनबाद ] – 1958 – बराकर
  • बालपहाडी [गिरिडीह] -1959 -बराकर ,नलकारी
  • अययर एवं बेरमो -1959 – दामोदर
  • कोनार [बोकारो ] – 1955 -कोनार

स्वर्णरेखा नदी परियोजना

  • झारखण्ड ,उड़ीसा ,पश्चिम बंगाल का संयुक्त परियोजना है इसमें 120 मेगा वाट विधुत उत्पादन की शक्ति है
  • चांडिल ,सरायकेला – 1982 – स्वर्णरेखा
  • गालूडीह – 1983 – .स्वर्णरेखा
  • इचा – 1983 -खरकई
  • गेतलसूद -1983 – .स्वर्णरेखा

मयूराक्षी परियोजना [दुमका ]

  • यह झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल का संयुक्त उपक्रम है जो कनाडा के सहायता से निर्मित है
  • मसानजोर[कनाडा बांध ] -1958 -मयूराक्षी

 कोयलकारो परियोजना

  • परियोजना बंद -1973 -कोयल , कारो

उत्तर कोयल परियोजना

  • कूटकू – अपूर्ण – उत्तरी कोयल

कन्हर परियोजना

  • [झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ का उपक्रम ]-कन्हर जलाशय-1957 -कन्हर -बराकर
  • झारखण्ड में तेनुघाट मिट्टी का सबसे ऊँचा बांध है

प्रमुख विधुत परियोजना

ताप विधुत परियोजना संयंत्र – स्थापना वर्ष -उत्पादन

  • छमतापतरातू ताप विधुत संयंत्र – 1952 – 670 मेगावाट
  • तेनुघाट ताप विधुत संयंत्र – 1953 -450 मेगावाट
  • बोकारो ताप विधुत संयंत्र – 1955 -830 मेगावाट
  • चंद्रपुरा ताप विद्युत संयंत्र – 1966 – 780 मेगावाट
  • दामोदर घाटी जल विधुत परियोजना – 1948 -104 मेगावाट
  • स्वर्णरेखा जल विधुत केंद्र – 1982 -83 -130 मेगावाट
  • कोनार जल विधुत केंद्र – 1955 -40000 किलोवाट
  • बोकारो जल विधुत शक्ति गृह – 1967 – 385 मेगावाट
  • मैथन जल विधुत केंद्र – 1958 -7600 किलोवाट
  • तिलैया जल विधुत केंद्र – 1953 -60000 किलोवाट
  • बाल पहाडी जल विधुत शक्ति गृह – 1959 -20000 किलोवाट
  • बर्मी जल विधुत शक्ति – 1960 -28000 किलोवाट
  • पंचेत जल विधुत परियोजना – 1959 -40000 किलोवाट

झारखण्ड के जलप्रपात

जलप्रपात – ऊंचाई -नदी – स्थिति

  • बूढ़ा घाघ /लोढ़ा घाघ – 450 फीट-बूढ़ा घाघ -लातेहार – महुआटांड़ से 14 किलोमीटर
  • हुंडरू – 243 ”- स्वर्णरेखा -रांची – रांची से 28 किलोमीटर
  • जोन्हा [गौतमधारा ]- 55.6 ”-राढू- रांची – रांची से 40 किलोमीटर
  • दशम – 130 ”- काँची – रांची – रांची से 36 किलोमीटर
  • पांचघाघ – पंचनदी – खूंटी – खूंटी से 15 किलोमीटर
  • साधनी घाघ – 200 ”- शंख -गुमला – नेतरहाट से 35 किलोमीटर
  • गौतमघाघ – 120 ” स्थानीय -लातेहार – महुआडाड से 10 किलोमीटर
  • घाघरी – 140 ” -घाघरी -लातेहार – नेतरहाट के पास
  • हिरणी – 165 ” -स्थानीय -प० सिंहभूम – रांची चाईबासा मार्ग
  • मोतीझरा -150 ” -अजय -स० परगना – राजमहल की पहाड़ी
  • रजरप्पा – दामोदर /भेंड़ -रामगढ़ – रामगढ़ से 25 किलोमीटर
  • उसरी -80 ” -उसरी -धनबाद – गोविन्दपुर ,गिरिडीह
  • गर्म कुंड :-सूरजकुंड , कावा [हजारीबाग ] तेंतुलिया[धनबाद ] तातापानी [लातेहार ], दुआरी [चतरा]
  • संगम :-पंचघाघ पांच एवं रजरप्पा दो नदियों [दामोदर एवं भेड़ा]का संगम है

झारखण्ड के पर्यटन व दर्शनीय स्थल

पर्यटन स्थल का नाम – दर्शनीय स्थल

  • बेतला राष्ट्रीय पार्क – राष्ट्रीय पार्क (लातेहार)
  • नेतरहाट [लातेहार ] – पहाड़ियों की मल्लिका ,पर्यटन स्थल
  • हजारीबाग – राष्ट्रीय पार्क ,मिट्टी अनुसन्धान केंद्र व पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज
  • पारसनाथ [गिरिडीह ] -जैन तीर्थस्थल , सम्मेय शिखर
  • जमशेदपुर – जुबली पार्क ,टाटा आयरन एंड स्टील कम्पनी
  • धनबाद -औधोगिक एवं शोध केंद्र ,इंडियन स्कूल ऑफ़ माइन्स [माइनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ]
  • पलामू -चेर राजाओं की राजधानी ,गर्म जल स्रोत ,जंगल में स्थित सिताबराय का किला[ लातेहार ]
  • सिंदरी – उर्वरक कारखाना
  • रजरप्पा [रामगढ़ ] -जलप्रपात ,जल धाराएं,प्रसिद्ध माँ छिन्नमस्तिका मंदिर
  • तोपचांची झील [धनबाद ] -आकर्षक झील
  • तिलैया -तिलैया बांध
  • कोनार -कोनार बांध
  • मैथन [धनबाद ] -मैथन बांध ,मैथन में देवी काली का मंदिर
  • पंचेत [धनबाद ] -पंचेत बांध
  • बोकारो – बोकारो बांध
  • वैधनाथ धाम [देवघर ] -बारह ज्योतिर्लिंगो में नवलखा मंदिर ,राम लक्ष्मण मंदिर ,काली,दुर्गा ,सरस्वती आदि के मंदिर
  • दुमका -बासुकीनाथ धाम और मसानजोर बांध
  • गोड्डा -फरक्का बांध
  • रांची -बिरसा जैविक उद्यान ,गौतम धारा ,हिरनी एवं दशम जलप्रपात ,गेतलसूद डैम ,रांची झील रांची पहाड़ी के निकट ,सती मंदिर ,मोराबादी पहाड़ी पर स्थित
  • रवीन्द्रनाथ टैगोर का विश्राम गृह ,पहाड़ी मंदिर ,अमरेश्वरधाम खूंटी
  • गुमला -घाघरा जलप्रपात

झारखण्ड की खनिज सम्पदा

खनिज – भारत में स्थान – उत्पादन क्षेत्र

  • तांबा – तृतीय -घाटशिला ,राखा ,मुसाबनी ,बसीडीह ,धोबानी,सरायकेला ,खरसावां ,तथा बहरागोड़ा
  • अभरक – चौथा -कोडरमा ,हजारीबाग ,गिरिडीह ,झुमरी तिलैया ,ढोरकोला डोमचांच
  • क्रायोनाइट -प्रथम -राज खरसावां ,लपसाबुरु,सिंहभूम
  • लौह अयस्क -तृतीय -सिंहभूम ,डाल्टेनगंज ,व धनबाद
  • बॉक्साइड-तृतीय -लोहरदगा ,रांची ,पलामू ,जादूगोड़ा
  • यूरेनियम -प्रथम – जादूगोड़ा
  • ग्रेफाइट -द्वितीय -सोकरा खान ,डाल्टेनगंज
  • मैंगनीज -सातवां -गुआ ,नोआमुंडी ,जामदा,चाईबासा
  • कोयला -प्रथम -झरिया ,चंद्रपुरा ,बोकारो ,रामगढ़ ,कर्णपुरा ,[दामोदर घाटी क्षेत्र ]गिरिडीह , डाल्टेनगंज ,हुटार,[उत्तरी कोयल घाटी कोयला क्षेत्र ]
  • क्रोमियम – -जोनुहातु,सरायकेला ,कुरु
  • चूना पत्थर – -दमोदर घाटी ,संथाल परगना ,रांची ,सिंहभूम
  • टिन – -रांची तथा हजारीबाग
  • चीनी मिट्टी- – पलामू ,रांची एवं सिंहभूम

खनिज सम्पदा से सम्बंधित मुख्य बिंदु

  • झारखण्ड भारत का सर्वाधिक खनिज संपन्न राज्य है
  • झारखण्ड को रत्नगर्भा भूमि भी कहा जाता है
  • झारखण्ड के दामोदर घाटी क्षेत्रों को खनिज का गोदाम घर भी कहा जाता है
  • झारखण्ड कोयला ,तांबा ,एवं अभ्रक उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है
  • झारखण्ड में अधिकतर हेमेटाइट अयस्क से लोहा प्राप्त किया जाता है
  • मैग्नेटाइट अयस्क सिंहभूम स्थित ‘कोल्हान श्रेणी ‘में पाया जाता है
  • झारखण्ड में ”टंगस्टन ”सिंहभूम एवं हजारीबाग जिले में मिलते है
  • झारखण्ड में देश के कुल उत्पादन का 33 .85 प्रतिशत ताम्बा उत्पन्न होता है
  • तांबा निष्कासन का कार्य सन 1924 ई० से इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स कर रही है
  • सीसा मुख्य तौर पर पलामू, हजारीबाग एवं ,दुमका से प्राप्त किया जाता है
  • यहाँ पूरे देश का 46 .5 प्रतिशत अभ्रक उत्पादन होता है
  • झारखण्ड में डोलोमाइट का मख्य उत्पादक जिला पलामू है
  • झारखण्ड Cryonite के भण्डारण में पूरे विश्व में प्रथम स्थान रखता है
  • ग्रेफाइड पलामू जिले में प्राप्त होता है इसे काला सीसा भी कहते है
  • एपेटाइट के उत्पादन में झारखण्ड का भारत में प्रथम स्थान है
  • झारखण्ड में भारत के कुल खनिज भंडार का लगभग 36 प्रतिशत पाया जाता है
  • झारखण्ड में देश के कुल कोयला का 32.28 प्रतिशत उत्पादन होता है
  • झारखण्ड का मुख्य कोयला उत्पादित क्षेत्र दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र है
  • दामोदर घाटी क्षेत्र को ‘भारत का रुर प्रदेश’ माना जाता है
  • यूरेनियम का मुख्य अयस्क ‘पिच ब्लैंड ‘सिंहभूम जिले से प्राप्त होता है
  • यूरेनियम का एक कारखाना जादूगोड़ा में स्थापित किया गया है
  • धनबाद के निकट टुण्डु में सीसा शोधन का कारखाना स्थापित किया गया है

झारखण्ड में पशुपालन

  • झारखण्ड के कृषि अर्थव्यवस्था पशुपालन पर निर्भर करती है
  • राज्य में दुधारू पशुओ की कुल संख्या 73 .41 लाख है
  • राज्य में दूध का उत्पादन 3 .90 लाख टन प्रति वर्ष है
  • राज्य में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 140 ग्राम है जो राष्ट्रिय औसत [225ग्राम ]से कम है
  • दुधारू पशु के अतिरिक्त यहाँ मधुपालन ,कुकुटपालन ,लाह के कीड़े ,रेशम के कीड़े ,इत्यादि का पालन व्यावसायिक लाभ के लिए किया जाता है
  • लाह एवं रेशम उत्पादन में ये भारत में प्रथम स्थान रखता है

झारखण्ड राज्य के कृषि

  • प्रमुख फसल -धान
  • कुल संचित भूमि -1 .95 लाख हेक्टेयर [8 .7 प्रतिशत]
  • कुल कृषि योग्य भूमि -38 लाख हेक्टेयर जो कुल भूमि का 22 .7 प्रतिशत है
  • कुल भूमि जिसमे खेती की जा रही है -18 .07 लाख हेक्टेयर [29 .8% ]
  • सिंचाई के साधन – नहर , कुएं,नलकूप ,तालाब आदि
  • यहाँ की कुल कृषि क्षेत्र का 29.8 प्रतिशत शुद्ध कृषि क्षेत्र है
  • पलामू एवं हजारीबाग में शुद्ध कृषि क्षेत्र का विस्तार क्रमश 17 % एवं 15 % है
  • झारखण्ड के कुल कृषि योग्य भूमि के 61 प्रतिशत भू -भाग पर धान की खेती की जाती है
  • झारखण्ड में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय है
  • भदई धान की खेती मुख्यत: रांची ,सिंहभूम एवं पलामू जिले में होती है
  • झारखण्ड की दूसरी मुख्य फसल मकई है यह राज्य के कुल बोए गए क्षेत्र के 5 .97 प्रतिशत भू भाग पर मक्का की खेती की जाती है
  • मक्का के मुख्य उत्पादक जिले -हजारीबाग ,रांची ,पलामू ,एवं संथाल परगना है
  • झारखण्ड के अधिकांश जनजातीय आबादी कृषि पर आधारित है
  • झारखण्ड में सर्वाधिक सिंचाई नहर से होती है
  • झारखण्ड की भूमि उपयोग प्रतिरूप के अंतर्गत ग़ैरकृषिगत भूमि 7.2 प्रतिशत है

झारखण्ड की प्रमुख नदिया एवं उदगम स्थल

  • स्वर्णरेखा नदी -पिस्कानगड़ी [रांची ]के रानी चुआं से निकलकर हुंडरू जलप्रपात बनाते हुए बंगाल की खाड़ी में स्वतंत्र रूप से गिरती है
  • शंख -नेतरहाट पठार [गुमला जिले का चैनपुर प्रखंड ]से उड़ीसा में दक्षिण कोयल में मिलती है
  • फल्गु -उत्तरी छोटानागपुर पठार से निकलकर मगध क्षेत्र में निरंजन या नीलजल कहलाती है
  • उत्तरी कोयल -रांची पठार के मध्य भाग से निकल कर सोन नदी में मिलती है
  • औरंगा नदी -लोहरदगा के किस्को से निकल कर उत्तर कोयल में मिलती है
  • दक्षिणी कोयल -रांची के हेमाकोटा [डमसा ]से निकलकर शंख नदी [उड़ीसा ]में मिलती है
  • सकरी -उत्तरी छोटानागपुर पठार से निकलकर मगध क्षेत्र जाती है
  • बराकर -उत्तरी छोटानागपुर के पहाड़ियों से दामोदर नदी में मिल जाती है
  • दामोदर [देव ]-लातेहार [सबसे लम्बी नदी ]से निकलकर हुगली बंगाल में मिलती है
  • पंचाने -उत्तरी छोटानागपुर पठार से निकलकर पांच जलधाराओं का निर्माण करती है
  • मयूराक्षी -देवघर के विडूर या त्रिकूट पहाड़ी से निकलकर गंगा नदी में मिलती है
  • अजय -मुंगेर से निकलकर भगीरथ नदी में मिला जाती है
  • गंगा -साहेबगंज से गुजरती है

झारखण्ड में उद्योग

  • बोकारो इस्पात संयंत्र -1967 [पूर्व सोवियन संघ की सहायता से ]
  • हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ,घाटशिला -1924
  • इंडियन एल्युमिनियम कंपनी ,मुरी -1938
  • हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड -धनबाद
  • इंडियन एक्सप्लोसिब्स फैक्टरी -गोमिया 1955 [ग्रेट ब्रिटेन की सहायता से ]
  • हाईटेंसन इंसुलेटर फैक्टरी -1961 [चेकोस्लोवाकिया की सहायता से ]
  • नेशनल प्रॉजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड -1956
  • माइनिंग एंड एलाइड इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ,रांची -1965
  • नॅशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड -1958
  • हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ,रांची -1958[पूर्व यू० एस० एस ० आर ० ]
  • पाइराइट्स फॉस्फेट्स एंड कैमिकल्स लि. सिंदरी -1951
  • फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लि. सिंदरी -1951
  • इम्पीरियल कैमिकल्स फैक्टरी [लन्दन की सहायता से ]-1943
  • टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी लि. जमशेदपुर -1921
  • टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी लि. जमशेदपुर -1907
  • यूरेनियम प्रोसेसिंग प्लांट ,जादूगोड़ा -1967
  • लौह इस्पात उद्योग -टाटा नगर, बोकारो
  • अल्युमीनियम उद्योग -मुरी [रांची ]
  • तांबा उद्योग – घाटशिला ,कारडोबा,जादूगोड़ा
  • जस्ता -टूंडू
  • कांच उद्योग -कतरासगढ़ ,अंबोना,रामगढ़ ,खेलारी ,कुमार डुब्बी
  • चमड़ा उद्योग -रांची
  • मोटरगाड़ी उद्योग -जमशेदपुर
  • इंजीनियरिंग उद्योग -रांची ,बोकारो ,चंद्रपुरा ,रामगढ़ ,डाल्टेनगंज ,गिरिडीह ,कर्णपुरा ,सहजोरी पुचबारा ,हुतार
  • कुकिंग कोयला उद्योग -जमशेदपुर ,सिंदरी बनियाडीह
  • कोयला धोबन उद्योग -बोकारो ,जामाडोबा ,लोदना ,करगली ,दुग्धा,भोजुडीह ,पाथरडीह ,कर्णपुरा
  • बारूद कारखाना -गोमिया
  • शराब-रांची
  • रिफैक्ट्री उद्योग -कुमारडुब्बी चिरकुंडा ,मुग्गा ,झरिया
  • हस्तकरघा वस्त्र उद्योग -रांची ,हजारीबाग ,डाल्टेनगंज
  • सूती वस्त्र उद्योग -गिरिडीह ,जमशेदपुर ,रांची
  • तसर रेशम उद्योग -रांची ,संथालपरगना ,सिंहभूम ,पलामू ,हजारीबाग
  • तम्बाकू उद्योग -सरायकेला ,चक्रधरपुर संथालपरगना
  • चावल और दाल मिल -साहेबगंज
  • लकड़ी के कारखाने -सिंहभूम ,रांची ,चाईबासा ,चक्रधरपुर ,हजारीबाग
  • कागज और लुगदी उद्योग -संथालपरगना
  • प्लाइवुड के कारखाने -चकुलिया,रांची
  • लाख उद्योग -रांची ,सिंहभूम ,हजारीबाग
  • जमशेदपुर स्थित टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड [TISCO]एशिया का प्रथम लौह इस्पात उद्योग केंद्र है
  • जमशेदपुर इस्पात के कारखाने को स्वर्णरेखा ,खरकई नदी से जलापूर्ति होती है
  • जमशेदपुर के कारखाने को लौह अयस्क सिंहभूम एवं क्योझर से प्राप्त होता है
  • अल्युमिनियम का मुख्य अयस्क बॉक्साइड लोहरदगा से प्राप्त होता है
  • झारखण्ड में कुल छः सीमेंट के कारखाने है
  • झारखण्ड में सीसा उद्योग का 12 केंद्र है जिनमे 6 रामगढ़ के इर्द -गिर्द है
  • भुरकुंडा स्थित सीसा उद्योग जापान के सहयोग से स्थापित किया गया है
  • झारखण्ड पूरे देश का 50 प्रतिशत से अधिक कच्चे तसर ‘रेशम’ का उत्पादक है
  • तम्बाकू उत्पादन एवं कच्चे रेशम का उत्पादन में सिंहभूम क्षेत्र अग्रणी है
  • सिंदरी उर्वरक कारखाना एशिया का सबसे बड़ा कारखाना है

झारखण्ड में राज्य सरकार के औधोगिक उपक्रम

  • सुपर फॉस्फेट लिमिटेड ,धनबाद
  • बेकन फैक्टरी,रांची -1966
  • हिल एरिया लिफ्ट इरिगेशन कॉरपोरेशन, रांची
  • इलेक्ट्रिक इक्यूपमेंट फैक्टरी, रांची
  • माइका सिंडीकेट लिमिटेड ,हजारीबाग

झारखण्ड के वन

  • झारखण्ड के कुल क्षेत्र का 29 .95 प्रतिशत भाग में वन है
  • यहाँ के वनो में शुष्क पतझड़ वनो की अधिकता है
  • राज्य के कुल 23473 वर्ग किमी क्षेत्र में वनो का विस्तार है
  • अति संघन वन 2587 वर्ग किमी ,सामान्य संघन वन 9667 वर्ग किमी एवं खुले वन 11219 वर्ग किमी में फैले हुए है
  • वनो का सर्वाधिक विस्तार क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से पश्चिम सिंहभूम [सारंडा ,कोल्हान ,पौरहाट और चाईबासा ]में है वनो के प्रतिशत विस्तार में चतरा का प्रथम स्थान है
  • मुख़्यत:यहाँ पर तीन प्रकार के वन है जिनका विवरण इस प्रकार है –
    1 .शुष्क पतझड़ वन -पलामू ,उत्तरी गढ़वा ,चतरा,कोडरमा ,गिरिडीह ,देवघर ,उत्तरी हजारीबाग प्रमुख वृक्ष – सेमल ,पलाश ,महुआ ,आसन,आँवला,खैर ,हर्रे इत्यादि
    2 .आर्द्र प्रायद्वीपीय वन -पूर्व एवं पश्चिम सिंहभूम ,संथाल परगना प्रमुख वृक्ष – साल ,कुसुम ,महुआ इत्यादि
    3 .शुष्क प्रायद्वीपीय वन -बोकारो ,धनबाद ,जामताड़ा ,सिमडेगा ,लोहरदगा ,गुमला ,हजारीबाग ,रांची प्रमुख वृक्ष – साल ,आम , कटहल ,जामुन ,गूलर ,अमलतास इत्यादि

झारखण्ड के अभ्यारण्य एवं राष्ट्रीय उद्यान

  • बेतला राष्ट्रीय उद्यान -लातेहार -1986 -बाघ ,सांभर,हाथी,चीतल ,गौर
  • हजारीबाग अभ्यारण्य -हजारीबाग -1976 – तेंदुआ ,बाघ ,सांभर ,नीलगाय
  • दलमा अभ्यारण्य -पूर्वी सिंहभूम -1976 -हाथी
  • तोपचांची अभ्यारण्य -धनबाद -1978 -भेड़िया ,सांभर ,चीता,लंगूर ,तेंदुआ इत्यादि
  • महुआटांड़ वोल्फ अभ्यारण्य -लातेहार -1976 – भेड़िया
  • पारसनाथ अभ्यारण्य -गिरिडीह -1981 -तेंदुआ ,सांभर ,हिरन ,गिरिडीह नीलगाय
  • कोडरमा अभ्यारण्य -कोडरमा -1985 -सांफर , चीता, हिरण,नीलगाय
  • गौतमबुद्ध अभ्यारण्य -कोडरमा -1971 -चीता
  • लावालौंग अभ्यारण्य -चतरा -1978 -बाघ ,चीता .जंगली सूअर ,
  • पालकोट अभ्यारण्य -गुमला ,1990 -चीता , तेंदुआ
  • उधवा लेक बर्ड -साहेबगंज -1991 विभिन्न प्रकार के पक्षी
  • राजमहल जीवाश्म अभ्यारण्य साहेबगंज – कबूतर ,बुलबुल
  • बाघ की गणना सर्वप्रथम बेतला में की गई थी
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनाच्छादित जिला -पश्चिमी सिंहभूम
  • क्षेत्रफल की प्रतिशत की दृष्टि से सर्वाधिक वनाच्छादित जिला -चतरा
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनाच्छादित जिला -धनबाद
  • क्षेत्रफल की प्रतिशत की दृष्टि से न्यूनतम वनाच्छादित जिला -धनबाद
  • प्रति व्यक्ति वन का क्षेत्रफल – 0.079 हेक्टेयर

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